IGNOU BAASK BSKC 133 SOLVED ASSIGNMENT HINDI
₹80
₹30
BSKC 133: संस्कृत नाटक
| Title Name | IGNOU BAASK BSKC 133 SOLVED ASSIGNMENT HINDI |
|---|---|
| Type | Soft Copy (E-Assignment) .pdf |
| University | IGNOU |
| Degree | BACHELOR DEGREE PROGRAMMES |
| Course Code | BAASK |
| Course Name | अनुप्रयुक्त संस्कृत में स्नातक उपाधि |
| Subject Code | BSKC 133 |
| Subject Name | संस्कृत नाटक |
| Year | 2026 |
| Session | - |
| Language | English Medium |
| Assignment Code | BSKC 133/Assignment-1/2026 |
| Product Description | Assignment of BAASK (अनुप्रयुक्त संस्कृत में स्नातक उपाधि) 2026. Latest BSKC 133 2026 Solved Assignment Solutions |
| Last Date of IGNOU Assignment Submission | Last Date of Submission of IGNOU BEGC-131 (BAG) 2025-26 Assignment is for January 2026 Session: 30th September, 2026 (for December 2025 Term End Exam). Semester Wise January 2025 Session: 30th March, 2026 (for June 2026 Term End Exam). July 2025 Session: 30th September, 2025 (for December 2025 Term End Exam). |
| Format | Ready-to-Print PDF (.soft copy) |
📅 Important Submission Dates
- January 2026 Session: 31st March, 2026
- July 2026 Session: 30th September, 2026
Why Choose Our Solved Assignments?
• Guidelines: Strictly follows 2025-26 official word limits.
• Scoring: Designed to help students achieve 90+ marks.
📋 Assignment Content Preview
BSKC 133 2025 - Hindi
सत्रीय कार्य : BSKC - 133 संस्कृत नाटक
संख्या: 100
पाठ्यक्रम कोड BSKC-133
पाठ्यक्रम शीर्षक: संस्कृत नाटक
सत्रीय कार्य : BSKC-133/TMA/2025-26
नोट - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : -
(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-
1. अधोलिखित पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए: -
(अ) अनुचरति शशाङ्क राहुदोषेऽपि तारा
पतति च वनवृक्षे याति भूमिं लता च ।
त्यजति न च करेणुः पङ्कलग्नं गजेन्द्रं
व्रजतु चरतु धर्मं भर्तृनाथा हि नार्यः ।।
अथवा
हृदय ! भव सकामं यत्कृते शङ्कसे त्वं
शृणु पितृनिधनं तद् गच्छ धैर्यं च तावत् ।
स्पृशति तु यदि नीचो मामयं शुल्कशब्द-
स्त्वथ च भवति सत्यं तत्र देहो विशोध्यः ।।
(ब) अन्तर्हित शशिनि सैव कुमुद्धती मे
दृष्टिं न नन्दयति संस्मरणीयशोभा ।
इष्टप्रवासजनितान्यबलाजनस्य
दुःखानि नूनमतिमात्रसुदुःसहानि ।।
अथवा
शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्त्रीजने
भर्तुर्विप्रकृताऽपी रोषणतया मा स्म प्रतीपं गमः ।
भूयिष्ठं भव दक्षिणा परिजने भाग्येष्वनुत्सेकिनी
यान्त्येवं गृहिणीपदं युवतयो वामाः कुलास्याधयः ।।
(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न :-
2. 'संवाद सूक्तों से नाट्योत्पत्ति के सिद्धान्त' को स्पष्ट कीजिए ।
3. 'नान्दी क्या है? लक्षण सहित बताइए ।
4. 'प्रहसन' रूपक को लक्षण सहित स्पष्ट कीजिए।
5. 'प्रतिमानाटकम्' के अनुसार भरत का चरित्र- चित्रण कीजिए ।
6. "सुलभापराधः परिजनो नाम" इस सूक्ति को स्पष्ट कीजिए।
(ग) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :-
7. 'रविवार' और सूरज हमारे पास आएगा
8. संस्कृत नाटकों की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।
9. मैं ही वह व्यक्ति हूँ जो मारा गया है, और मैं ही वह व्यक्ति हूँ जो मारा गया है।
10. निम्नलिखित में से किन्हीं तीन पर टिप्पणी लिखिए: -
(अ) नेपथ्य
(ब) अपवारित
(स) कंचुकी
(द) विदूषक
BSKC 133 2025 2026 - Hindi
सत्रीय कार्य : BSKC - 133 संस्कृत नाटक
पाठ्यक्रम कोड BSKC - 133
पाठ्यक्रम शीर्षक : संस्कृत नाटक
सत्रीय कार्य : BSKC-133/TMA/2025-26
पूर्णांक : 100
नोट - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : -
(क) व्याख्या आधारित प्रश्न : -
1. अधोलिखित पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए: -
(अ) अनुचरति शशाङ्क राहुदोषेऽपि तारा
पतति च वनवृक्षे याति भूमिं लता च ।
त्यजति न च करेणुः पङ्कलग्नं गजेन्द्रं
व्रजतु चरतु धर्मं भर्तृनाथा हि नार्यः ।।
अथवा
हृदय ! भव सकामं यत्कृते शङ्कसे त्वं
शृणु पितृनिधनं तद् गच्छ धैर्यं च तावत् ।
स्पृशति तु यदि नीचो मामयं शुल्कशब्द-
स्त्वथ च भवति सत्यं तत्र देहो विशोध्यः ।।
(ब) अन्तर्हित शशिनि सैव कुमुद्वती मे
दृष्टिं न नन्दयति संस्मरणीयशोभा ।
इष्टप्रवासजनितान्यबलाजनस्य
दुःखानि नूनमतिमात्रसुदुःसहानि ।।
अथवा
शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्त्रीजने
भर्तुर्विप्रकृताऽपी रोषणतया मा स्म प्रतीपं गमः ।
भूयिष्ठं भव दक्षिणा परिजने भाग्येष्वनुत्सेकिनी
यान्त्येवं गृहिणीपदं युवतयो वामाः कुलास्याधयः ।।
(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न :-
2. 'संवाद सूक्तों से नाट्योत्पत्ति के सिद्धान्त' को स्पष्ट कीजिए।
3. 'नान्दी क्या है? लक्षण सहित बताइए ।
4. 'प्रहसन' रूपक को लक्षण सहित स्पष्ट कीजिए ।
5. 'प्रतिमानाटकम्' के अनुसार भरत का चरित्र- चित्रण कीजिए।
6. "सुलभापराधः परिजनो नाम" इस सूक्ति को स्पष्ट कीजिए।
(ग) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :-
7. 'अभिज्ञान शाकुन्तलम्' के चतुर्थ अंक के वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालिए।
8. संस्कृत नाटकों की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।
9. शूद्रक के व्यक्तित्व, कृतत्व एवं शैलीगत वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालिए।
10. निम्नलिखित में से किन्हीं तीन पर टिप्पणी लिखिए: -
(अ) नेपथ्य
(ब) अपवारित
(स) कंचुकी
(द) विदूषक
BSKC 133 (January 2026 - July 2026) - SANSKRIT
सत्रीय कार्य : BSKC – 133 संस्कृत नाटक
पाठ्यक्रम कोड BSKC – 133
पाठ्यक्रम शीर्षक : संस्कृत नाटक
सत्रीय कार्य : BSKC – 133/TMA/2026
पूर्णांक : 100
नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : -
(क) व्याख्या आधारित प्रश्न : -
1. अधोलिखित पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए: -
(अ) कर्णौ त्वरापहृतभूषणभुग्नपाशौ
संस्त्रंसिताभरणगौरतलौ च हस्तौ ।
एतानि चाभरणभारनतानि गात्रे
स्थानानि नैव समतामुपयान्ति तावत ॥
अथवा
अयशसि यदि लोभ: कीर्तयित्वा किमस्मान्
किमु नृपफलतर्ष: किं नरेन्द्रो न दद्यात् ।
अथ तु नृपतिमातेत्येष शब्दस्तवेष्टो
वदतु भवति ! सत्यं किं तवार्यो न पुत्र: ?
(ब) शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्नीजने
भर्तुर्विप्रकृताऽपि रोषणतया मा स्म प्रतीपं गम: ।
भूयिष्ठं भव दक्षिणा परिजने भाग्येष्वनुत्सेकिनी
यान्त्येवं गृहिणीपदं युवतयो वामा: कुलस्याधय: ।।
अथवा
सङ्कल्पितं प्रथममेव मया तवार्थे
भर्तारमात्मसदृशं सुकृतैर्गता त्वम् ।
चूतेन संश्रितवती नवमालिकेय-
मस्यामहं त्वयि च सम्प्रति वीतचिन्तः ॥
(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न : -
2. ‘संवाद सूक्तों से नाट्योत्पत्ति के सिद्धान्त’ को स्पष्ट कीजिए।
3. ‘वीथी’ रूपक को लक्षण सहित स्पष्ट कीजिए।
4. सूत्रधार क्या है? लक्षण सहित स्पष्ट कीजिए।
5. ‘प्रतिमानाटक’ के तृतीय अङ्क की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
6. “अनुचरति शशाङ्क राहुदोषेऽपि तारा” इस सूक्ति को स्पष्ट कीजिए।
(ग) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न : -
7. भास के व्यक्तित्व, कर्तृत्व एवं शैलीगत वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालिए।
8. ‘उपमा कालिदासस्य’ इसको स्पष्ट कीजिए।
9. ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ के चतुर्थ अंक के वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालिए।
10. निम्नलिखित में से किन्हीं तीन पर टिप्पणी लिखिए: -
(अ) भरतवाक्य (ब) नेपथ्य
(स) विष्कम्भक (द) स्वगत
❓ Frequently Asked Questions (FAQs)
A: Immediately after payment, the download link will appear and be sent to your email.
Q: Is this hand-written or typed?
A: This is a professional typed computer PDF. You can use it as a reference for your handwritten submission.
Get the full solved PDF for just Rs. 15