IGNOU BAFHD BHDC 104 SOLVED ASSIGNMENT HINDI

BHDC 104 Solved Assignment
High Demand Verified Solution
★★★★★ 4.9/5 (1711 Students)

₹80

₹30

BHDC 104: आधुनिक हिन्दी कविता (छायावाद तक)

Title Name IGNOU BAFHD BHDC 104 SOLVED ASSIGNMENT HINDI
Type Soft Copy (E-Assignment) .pdf
University IGNOU
Degree BACHELOR DEGREE PROGRAMMES
Course Code BAFHD
Course Name कला स्नातक (हिंदी)
Subject Code BHDC 104
Subject Name आधुनिक हिन्दी कविता (छायावाद तक)
Year 2025 2026
Session -
Language English Medium
Assignment Code BHDC 104/Assignment-1/2025 2026
Product Description Assignment of BAFHD (कला स्नातक (हिंदी)) 2025 2026. Latest BHDC 104 2026 Solved Assignment Solutions
Last Date of IGNOU Assignment Submission Last Date of Submission of IGNOU BEGC-131 (BAG) 2025-26 Assignment is for January 2026 Session: 30th September, 2026 (for December 2025 Term End Exam).

Semester Wise
January 2025 Session: 30th March, 2026 (for June 2026 Term End Exam).
July 2025 Session: 30th September, 2025 (for December 2025 Term End Exam).
FormatReady-to-Print PDF (.soft copy)

📅 Important Submission Dates

Why Choose Our Solved Assignments?

Accuracy: Solved by IGNOU subject experts.
Guidelines: Strictly follows 2025-26 official word limits.
Scoring: Designed to help students achieve 90+ marks.
📋 Assignment Content Preview
Included:

BHDC 104 2025 2026 - Hindi

सत्रीय कार्य

(संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित)

-/बीएएफएचडी

खंड - क

1. निम्नलिखित पद्यांतों की कीजिए:

कहता है कौन कि भाग्य ठगा है मेरा? यह सुना हुआ भय दूर भगा है मेरा। कुछ करने में अब हाथ लगा है मेरा, वन में ही तो गार्हस्थ्य जगा है मेरा।

यह वधु जानकी बनी आज यह जाया, मेरी कुटिया में राज-भवन मन भाया।

जिस निर्जन में सागर लहरी अम्बर के कानों में गहरी-निश्छल प्रेम-कथा कहती हो, राज कोलाहल की अवनी रे।

जहाँ साँझ-सी जीवन छाया बीले अपनी कोमल काया, नील नयन से दुलकाती हो, ताराओं की पाँति घनी रे।

सी) देखते देखा मुझे तो एक बार उस भवन की ओर देखा, छिन्नतार देखकर कोई नहीं, देखा मुझे उस दृष्टि से जो मार खा रोयी नहीं, सजा सहज सितार, सुनी मैंने यह नहीं जो थी सुनी झांकार एक क्षण के बाद यह कॉपी सुधार, कुलक माथे से गिरे सीकर, लीन होते कर्म में फिर ज्यों कहा-'मैं तोड़ती पत्थर ।

एफ) अन्य होगे बरण हारे, और है जो लौटते, दे शूल को संकल्प सारे, दुखव्रती निर्माण उन्मद, यह अमरता नाफ्ते पद, बाँध देंगे अंक-संसूति से तिमिर में स्वर्ण बेला।

खंड-ख

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए:

2. भारतेन्दु के काव्य में निहित प्राचीन प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए।

3. द्विवेदी युगीन काव्य की साहित्यिक प्रवृत्तियों को रेखांकित कीजिए।

4. छायावाद की अन्र्त्तवस्तु पर विचार कीजिए।

5. जयशंकर प्रसाद की सौंदर्य चेतना पर प्रकाश डालिए।

खंड-ग

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए:

6. भारतेन्दु के छंद विधान को उदाहरण सहित समझाइए।

7. रामनरेश त्रिपाठी के काव्य में अन्तर्निहित राष्ट्रीय भावना पर प्रकाश डालिए।

8. निराला की काव्य भाषा की विशेषताएं बताइए।

9. पंत की नारी दृष्टि को रेखांकित कीजिए।

❓ Frequently Asked Questions (FAQs)
Q: How will I receive the PDF?
A: Immediately after payment, the download link will appear and be sent to your email.

Q: Is this hand-written or typed?
A: This is a professional typed computer PDF. You can use it as a reference for your handwritten submission.

Get the full solved PDF for just Rs. 15

Top