IGNOU BAFHSC BSKAE 182 SOLVED ASSIGNMENT HINDI

BSKAE 182 Solved Assignment
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BSKAE 182: संस्कृत साहित्य

Title Name IGNOU BAFHSC BSKAE 182 SOLVED ASSIGNMENT HINDI
Type Soft Copy (E-Assignment) .pdf
University IGNOU
Degree BACHELOR DEGREE PROGRAMMES
Course Code BAFHSC
Course Name Bachelor of Arts (Home Science)
Subject Code BSKAE 182
Subject Name संस्कृत साहित्य
Year 2026 2027
Session -
Language English Medium
Assignment Code BSKAE 182/Assignment-1/2026 2027
Product Description Assignment of BAFHSC (Bachelor of Arts (Home Science)) 2026 2027. Latest BSKAE 182 2026 Solved Assignment Solutions
Last Date of IGNOU Assignment Submission Last Date of Submission of IGNOU BEGC-131 (BAG) 2025-26 Assignment is for January 2026 Session: 30th September, 2026 (for December 2025 Term End Exam).

Semester Wise
January 2025 Session: 30th March, 2026 (for June 2026 Term End Exam).
July 2025 Session: 30th September, 2025 (for December 2025 Term End Exam).
FormatReady-to-Print PDF (.soft copy)

📅 Important Submission Dates

  • January 2025 Session: 31st March, 2026
  • July 2025 Session: 30th September, 2025
  • January 2026 Session: 31st March, 2027
  • July 2026 Session: 30th September, 2026

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Included:

BSKAE 182 (January 2025 - July 2025) - HINDI

सत्रीयकार्य : BSKAE-182 संस्कृत साहित्य

पाठ्यक्रम कोड: BSKAE - 182

पाठ्यक्रम शीर्षक : संस्कृत साहित्य

सत्रीय कार्य - BSKAE - 182/TMA/2025-26

पूर्णांक - 100

1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो श्लोकों का अनुवाद कीजिए।

(1) असाधना वित्तहीन बुद्धिमन्तः सुहृतमा। साधयन्त्याषु कार्यानि काकाकूर्ममृगाखुवत्।।

(2) अनितादिष्टलाभेऽपि न गतिर्जयते शुभा। यत्रस्ते विषसंसर्गोऽमृतं तदपि मृत्यवे।।

(3) कङ्कनस्य तु लोबेन मग्नः पक्केः सुदुस्तरे। वृद्धव्याघ्रं संप्राप्तः पथिकः स मृतो यथा।।

2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो श्लोकों की व्याख्या कीजिए।

(क) तत्र पूर्वश्चतुर्वर्गो दंभार्थमपि सेव्यते। उत्तरस्तु चतुर्वर्गो महात्मन्येव तिष्ठति।।

(ख) गताऽनुगतिको लोकः कुट्टनीमुपदेशिनीम्। प्रमाणयति नो धर्मे यथा गोघ्नमपि द्विजम्।।

(ग)इज्याऽध्ययन्दनानि, तपः सत्यं, धृतिः, क्षमा। अलोभ इति मार्गोऽयं धर्मस्याष्टविधः स्मृतः।।

3. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर लिखिए।

(1)वृद्ध-व्याघ्र और लोभी-पथिक की कथा अपने शब्दों में लिखें।

(2)नीति कथाओं के उ‌द्भव और विकास पर प्रकाश डालिए।

(3)आचार्य चाणक्य का व्यक्तित्व एवं कृतित्व लिखिए।

4. निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए।

(क) हितोपदेश

(ख) चाणकनीति

(जी) अंबिकादत्त व्यास

(घ) बाणभट्ट


BSKAE 182 2025 2026 - Hindi

सत्रीयकार्य : BSKAE-182 संस्कृत साहित्य

पाठ्यक्रम कोड: BSKAE - 182

पाठ्यक्रम शीर्षक : संस्कृत साहित्य

सत्रीय कार्य - BSKAE - 182/TMA/2025-26

पूर्णांक - 100

1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो श्लोकों का अनुवाद कीजिए।

(1) असाधना वित्तहीना बु‌द्धिमन्तः सुहृत्तमा ।

साधयन्त्याशु कार्याणि काककूर्ममृगाखुवत् ।।

(2) अनिष्टादिष्टलाभेऽपि न गतिर्जायते शुभा ।

यत्रास्ते विषसंसर्गोऽमृतं तदपि मृत्यवे ।।

(3) कङ्कणस्य तु लोभेन मग्नः पड्केः सुदुस्तरे ।

वृद्धव्याघ्रण संप्राप्तः पथिकः स मृतो यथा ।।

2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो श्लोकों का व्याख्या कीजिए।

(क) तत्र पूर्वश्चतुर्वर्गो दम्भार्थमपि सेव्यते।

उत्तरस्तु चतुर्वर्गो महात्मन्येव तिष्ठति ।।

(ख) गताऽनुगतिको लोकः कुट्टनीमुपदेशिनीम् ।

प्रमाणयति नो धर्मे यथा गोघ्नमपि द्विजम् ।।

(ग) इज्याऽध्ययनदानानि, तपः सत्यं, धृतिः, क्षमा ।

अलोभ इति मार्गोऽयं धर्मस्याष्टविधः स्मृतः ।।

3. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर लिखिए।

(1) द्ध-व्याघ्र और लोभी-पथिक की कथा अपने शब्दों में लिखें।

(2) नीति कथाओं के उ‌द्भव और विकास पर प्रकाश डालिए।

(3) आचार्य चाणक्य का व्यक्तित्व एवं कृतित्व लिखिए।

4. निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए।

(क) हितोपदेश

(ख) चाणक्यनीति

(ग) अम्बिकादत्त व्यास 

(घ) बाणभट्ट


BSKAE 182 (January 2026 - July 2026) - SANSKRIT

ہ (Assignment) - BSKAE - 182/TMA/2026-27
پورنانک (کل نمبر) - 100
1. निम्नलिखित में से किन्हीं دو श्लोकों का अनुवाद कीजिए। (10*2=20)
(1) उत्थायोत्थाय बोद्धव्यं महद्भयमुपस्थितम् ।
मरणव्याधिशोकानां किमद्य निपतिष्यति ।।
(2) अनिष्टादिष्टलाभेऽपि न गतिर्जायते शुभा ।
यत्रास्ते विषसंसर्गोऽमृतं तदपि मृत्यवे ।।
(3) कङ्कणस्य तु लोभेन मग्नः पङ्केः सुदुस्तरे ।
वृद्धव्याघ्रेण संप्राप्तः पथिकः स मृतो यथा ।।
2. निम्नलिखित में से किन्हीं دو श्लोकों की व्याख्या कीजिए। (15*2=30)
(क) अनिष्टादिष्टलाभेऽपि न गतिर्जायते शुभा ।
यत्रास्ते विषसंसर्गोऽमृतं تدपि मृत्यवे ।।
(ख) गताऽनुगतिको लोकः कुट्टनीमुपदेशिनीम् ।
प्रमाणयति नो धर्मे यथा गोघ्नमपि द्विजम् ।।
(ग) इज्याऽध्ययनदानानि, तपः सत्यं, धृतिः, क्षमा ।
अलोभ इति मार्गोऽयं धर्मस्याष्टविधः स्मृतः ।।
3. निम्नलिखित में سے किन्हीं دو प्रश्नों का उत्तर लिखिए। (20*2=40)
(1) वृद्ध-व्याघ्र और लोभी-पथिक की कथा अपने शब्दों में लिखें।
(2) नीति कथाओं के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालिए।
(3) आचार्य चाणक्य کا व्यक्तित्व एवं कृतित्व लिखिए।

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