IGNOU BAFSK BSKC 101 SOLVED ASSIGNMENT HINDI

BSKC 101 Solved Assignment
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BSKC 101: लौकिक संस्कृत पद्य साहित्य

Title Name IGNOU BAFSK BSKC 101 SOLVED ASSIGNMENT HINDI
Type Soft Copy (E-Assignment) .pdf
University IGNOU
Degree BACHELOR DEGREE PROGRAMMES
Course Code BAFSK
Course Name कला स्नातक (संस्कृत)
Subject Code BSKC 101
Subject Name लौकिक संस्कृत पद्य साहित्य
Year 2026
Session -
Language English Medium
Assignment Code BSKC 101/Assignment-1/2026
Product Description Assignment of BAFSK (कला स्नातक (संस्कृत)) 2026. Latest BSKC 101 2026 Solved Assignment Solutions
Last Date of IGNOU Assignment Submission Last Date of Submission of IGNOU BEGC-131 (BAG) 2025-26 Assignment is for January 2026 Session: 30th September, 2026 (for December 2025 Term End Exam).

Semester Wise
January 2025 Session: 30th March, 2026 (for June 2026 Term End Exam).
July 2025 Session: 30th September, 2025 (for December 2025 Term End Exam).
FormatReady-to-Print PDF (.soft copy)

📅 Important Submission Dates

  • January 2025 Session: 31st March, 2026
  • July 2025 Session: 30th September, 2025
  • January 2026 Session: 30th September, 2026
  • July 2026 Session: 31st March, 2027

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Guidelines: Strictly follows 2025-26 official word limits.
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Included:

BSKC 101 2025 - Hindi

सत्रीय कार्य: BSKC- 101

लौकिक संस्कृत पद्म-साहित्य

पाठ्यक्रम कोड - BSKC-101

पाठ्यक्रम शीर्षक - लौकिक संस्कृत पद्म-साहित्य

सत्रीय कार्य - BSKC-101/TMA/2025-2026

पूर्णांक - 100

नोट- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं:-

(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-

(क.) कृतप्रणामस्य महीं महीभुजे, जितां सपत्नेन निवेदयिष्यतः ।

न विव्यथे तस्य मनो न हि प्रिय प्रवक्तुमिच्छन्ति मृषा हितैषिणः ।।

(ख.) महौजसो मानधनाः धनार्चिताः, धनुर्भूतः संयति लब्धकीर्तय : ।

न सहं तास्तस्य न भिन्नवृत्तयः, प्रियाणि वाञ्छन्त्यसुभिः समीहितुम् ।।

(ग.) वागर्थाविव सम्पृक्तौ वागर्थप्रतिपत्तये ।

जगतः पितरौ वन्दे पार्वतीपरमेश्वरौ ।।

(घ.) आकारसदृशप्रज्ञः प्रज्ञया सदृशागमः ।

आगमैः सदृशारम्भः आरम्भसदृशोदयः ।।

(ड.) येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः ।

ते मर्त्यलोके भुवि भारभूताः मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति ।।

(च.) कृताभिषेकां हुतजातवेदसं त्वगुत्तरासड. गवतीमधीतिनीम् ।

दिदृक्षवस्तामृषयो अभ्युपागमन् न धर्मवृद्धेषु वयः समीक्ष्यते ।।

2. निम्न में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखिए -

क. लौकिक संस्कृत साहित्य का परिचय दीजिए ।

ख. मुक्तक क्या है ? भर्तृहरि के मुक्तक की विशेषताओं को लिखिए ।

ग. महाकाव्यों के लक्षण और प्रमुख महाकाव्यों का परिचय दीजिए ।

घ. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के आधार पर वनेचर की विशेषताओं को लिखिए ।

ड. कुमारसम्भवम् के पंचम् सर्ग के आधार पर पार्वती की तपस्या का वर्णन किया गया है।

च. रघुवंश के प्रथम सर्ग का सार लिखिए ।

3. निम्न में से किन्हीं दों पर टिप्पणी लिखिए -

क. नीतिशतक में प्रतिपादित विषयों पर लेख लिखिए ।

ख. अश्वघोष के महाकाव्यों पर निबन्ध लिखिए ।

ग. खण्डकाव्य की विशेषताओं को लिखिए ।


BSKC 101 (January 2025 - July 2025) - HINDI

सत्रीय कार्य : BSKC- 101

लौकिक संस्कृत पद्य-साहित्य

पाठ्यक्रम कोड BSKC-101 पाठ्यक्रम शीर्षक - लौकिक संस्कृत पच-साहित्य सत्रीय कार्य BSKC-101/TMA/2025-2026

पूर्णांक - 100

नोट- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं:

(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-

1. अधोलिखित पद्यांशों में से किन्हीं चार की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए :-

(क.) कृतप्रणामस्य महीं महीभुजे, जितां सपत्नेन निवेदयिष्यतः । न विव्यथे तस्य मनो न हि प्रिय प्रवक्तुमिच्छन्ति मृषा हितैषिणः ।।

(ख.) महौजसो मानधनाः धनार्चिताः, धनुर्भूतः संयति लब्धकीर्तय ।

न सहं तास्तस्य न भिन्नवृत्तयः, प्रियाणि वाञ्छन्त्यसुभिः समीहितुम् ।।

(ग.) वागर्थाविव सम्पृक्तौ वागर्थप्रतिपत्तये। जगतः पितरौ वन्दे पार्वतीपरमेश्वरौ ।।

(घ.) आकारसदृशप्रज्ञः प्रज्ञया सदृशागमः । आगमैः सदृशारम्भः आरम्भसदृशोदयः ।।

(ड.) येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः

। ते मर्त्यलोके भुवि भारभूताः मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति ।।

(च.) कृताभिषेकां हुतजातवेदसं त्वगुत्तरासड. गवतीमधीतिनीम् ।

दिदृक्षवस्तामृषयो अभ्युपागमन् न धर्मवृद्धेषु वयः समीक्ष्यते ।।

2. निम्न में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखिए -

क. लौकिक संस्कृत साहित्य का परिचय दीजिए ।

ख. मुक्तक क्या है ? भर्तृहरि के मुक्तक की विशेषताओं को लिखिए ।

ग. महाकाव्यों के लक्षण और प्रमुख महाकाव्यों का परिचय दीजिए ।

घ. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के आधार पर वनेचर की विशेषताओं को लिखिए ।

डी। कुमारसंभवम के पांचवें श्लोक के आधार पर पार्वती की तपस्या का वर्णन करें।

च. रघुवंश के प्रथम सर्ग का सार लिखिए ।

3. निम्न में से किन्हीं दों पर टिप्पणी लिखिए -

क. नीतिशतक में प्रतिपादित विषयों पर लेख लिखिए ।

ख. अश्वघोष के महाकाव्यों पर निबन्ध लिखिए ।

ग. खण्डकाव्य की विशेषताओं को लिखिए ।


BSKC 101 (January 2026 - July 2026) - HINDI

पाठ्यक्रम कोड – BSKC-101

पाठ्यक्रम शीर्षक – लौकिक संस्कृत पद्य साहित्य

सत्रीय कार्य – BSKC-101/TMA/2026-2027

पूर्णांक – 100

नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : -

(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-

1. अधोलिखित पद्यांशों में से किन्हीं चार (04) की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए :-


(क.) मा निषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वती समाः ।

यत् क्रौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।।

(ख.) अवस्तुनिर्बन्धपरे कथं नु ते करोऽयमामुक्तविवाहकौतुकः ।

करेण शम्भोर्वलयीकृताहिना सहिष्यते तत् प्रथमावलम्बनम् ।।

(ग.) शक्यो वारयितुं जलेन हुतभुक् छत्रेण सूर्यातपो

नागेन्द्रो निशिताङ्कुशेन समदो दण्डेन गौर्गर्दभौ।

व्याधिर्भेषजसंग्रहैश्च विविधैर्मन्त्रप्रयोगैर्विषं

सर्वस्यौषधमस्ति शास्त्रविहितं मूर्खस्य नास्त्यौषधम् ।।

(घ.) श्रिय:कुरूणामधिपस्य, पालनीं प्रजासु वृत्तिं यमयुङ्‌क्त वेदितुम् ।

स वर्णिलिङ्गी विदित: समाययौ, युधिष्ठिरं द्वैतवने वनेचर: ।।

(ङ.) कृताभिषेकां हुतजातवेदसं त्वगुत्तरासङगवतीमधीतिनीम् ।

दिदृक्षवस्तामृषयो अभ्युपागमन् न धर्मवृद्धेषु वय: समीक्ष्यते ।।

(च.) कथाप्रसङ्गेन जनैरुदाहृतादनुस्मृताखण्डलसूनुविक्रम: ।

तवाभिधानाद् व्यथते नतानन: स दु:सहन्मन्त्रपदादिवोरग:॥

2. निम्न में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखिए - 

क . मुक्तक काव्य की उत्पत्ति और विकास पर प्रकाश डालिये।

ख. आचार्य विश्वनाथ के अनुसार खण्डकाव्य पर प्रकाश डालिये।

ग. भर्तृहरि के शतकत्रय का वर्णन कीजिए ।

घ. कालिदास के महाकाव्यों पर लेख लिखिए ।

ङ. कुमारसम्भवम् के पंचम् सर्ग का कथासार लिखिए ।

च. रघुवंश महाकाव्य के प्रमुख पात्रों का चरित्र-चित्रण लिखिए ।

3. निम्न में से किन्हीं दों पर टिप्पणी लिखिए -

क. रावणवध

ख. महाकाव्य

ग. रघुवंश

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