IGNOU BAM BSKC 131 SOLVED ASSIGNMENT HINDI

BSKC 131 Solved Assignment
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BSKC 131: संस्कृत पद्य साहित्य

Title Name IGNOU BAM BSKC 131 SOLVED ASSIGNMENT HINDI
Type Soft Copy (E-Assignment) .pdf
University IGNOU
Degree BACHELOR DEGREE PROGRAMMES
Course Code BAM
Course Name Four Year Under Graduate Programmes/Bachelor of Arts
Subject Code BSKC 131
Subject Name संस्कृत पद्य साहित्य
Year 2025 2026
Session -
Language English Medium
Assignment Code BSKC 131/Assignment-1/2025 2026
Product Description Assignment of BAM (Four Year Under Graduate Programmes/Bachelor of Arts) 2025 2026. Latest BSKC 131 2026 Solved Assignment Solutions
Last Date of IGNOU Assignment Submission Last Date of Submission of IGNOU BEGC-131 (BAG) 2025-26 Assignment is for January 2026 Session: 30th September, 2026 (for December 2025 Term End Exam).

Semester Wise
January 2025 Session: 30th March, 2026 (for June 2026 Term End Exam).
July 2025 Session: 30th September, 2025 (for December 2025 Term End Exam).
FormatReady-to-Print PDF (.soft copy)

📅 Important Submission Dates

  • January 2025 Session: 31st March, 2026
  • July 2025 Session: 30th September, 2025

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Included:

BSKC 131 2025 - Hindi

सत्रीय कार्य

BSKC-131

संस्कृत पद्य साहित्य

पाठ्यक्रम कोड: BSKC-131

पाठ्यक्रम शीर्षक: संस्कृत पद्य साहित्य

सत्रीय कार्य : BSKC-131/TMA/2025-25

पूर्णांक : 100

नोट - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं: -

भाग क-

(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-

1. अधोलिखित लोकों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए-

क- क्व सूर्यप्रभवो वंशः क्व चाल्पविषया मतिः ।

तितीर्षुर्दुस्तरं मोहादुडुपेनास्मि सागरम् ।।

अथवा

वैवस्वतो मनुर्नाम माननीयो मनीषिणाम् ।

आसीन्महीक्षितामाद्यः प्रणवश्छन्दसामिव । ।

ख- सखा गरीयान् शत्रुश्व कृत्रिमस्तौ हि कार्यतः ।

स्याताममित्रौ मित्रे च सहजप्राकृतावपि ।।

अथवा

तुल्येऽपराधे स्वर्भानुर्भानुमन्तं चिरेण यत्।

हिमांशुमाशु ग्रसते तन्मदिम्नः स्फुटं फलम् ।।

ग- यदा किंचिज्ज्ञोऽहं द्विप इव मदान्धः समभवं

तदा सर्वज्ञोऽस्मीत्यभवदवलिप्तं मम मनः।

यदा किंचित्किंचिद् बुधजनसकाशादवगतं

तदा मूर्योऽस्मीति ज्वर इव मदो मे व्यपगतः ।।

अथवा

हर्तुर्याति न गोचरं किमपि शं पुष्णाति यत्सर्वदा-

प्यर्थिभ्यः प्रतिपाद्यमानमनिशं प्राप्नोति वृद्धिं पराम् ।

कल्पान्तेष्वपि न प्रयाति निधनं विद्याख्यमन्तर्धनं

येषां तान्प्रति मानमुज्झत नृपाः कस्तैः सह स्पर्धते ।।1

भाग ख -

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

नोट निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 700 शब्दों में लिखिए।

2. • भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र चित्रण कीजिए।

अथवा देवर्षि नारद का चरित्रचित्रण कीजिए ।-

3. माघ का जीवन और उनके शैलीगत वैशिष्ट्य का वर्णन कीजिए।

अथवा

'रघुवंश' महाकाव्य के आधार पर राजा दिलीप का चरित्रचित्रण कीजिए-

भाग- ग

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

नोटः निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग : 200 शब्दों में दीजिए।

4. 'रघुवंश' महाकाव्य के आधार पर सुद्दिक्षणा की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

5 वैराग्य शतक का परिचय लिखिए।

6. भर्तृहरि का सामाजिक अनुभव लिखिए

7. रघुवंश महाकाव्य की कोई दो सूक्तियां लिखकर स्पष्ट कीजिये ।

8. 'घंटामाघ' को स्पष्ट कीजिए ।

9. नीतिशातक 'के आधार पर 'विद्या' को स्पष्ट करें ।

10. 'शिशुपालवध' महाकाव्य के आधार पर युधिष्ठर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।


BSKC 131 (January 2025 - July 2025) - HINDI

सत्रीय कार्य

बीएसकेसी-131

संस्कृत पद्मा साहित्य

पाठ्यक्रम कोड: BSKC-131

पाठ्यक्रम शीर्षक: संस्कृत पदा साहित्य

सत्रीय कार्य: BSKC-131/TMA/2025-26

पूर्णांक : 100

नोट - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं: -

भाग क-

(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-

1.अधोलिखित लोकों की सस्न्द्रभ व्याख्या-

क-   क्व सूर्यप्रभवो वंशः क्व चाल्पविषाय मतिः। तितिरशुर्दुस्तरं मोहदुदुपेनास्मि सागरम्।।

तितिरशुर्दुस्तरं मोहदुदुपेनास्मि सागरम्।।

अथवा

वैवस्वतोरनाम मालतीयोमनिषानाम्। असीनमहीक्षितमयः प्रणयश्चन्दसामिव।।

ख- सखा ग्रियान शत्रुश्च कृत्रिमता हि कार्यतः।

स्यातममित्रि मायरे च सहजप्राकृतावपि।।

अथवा

तुल्येऽपराधे स्वर्भानुर्भानुमन्तं चिरेण यत्। समन्वितमाशु यसते तन्मदमिनाः स्फुटकं फलम्।।

ग- यदा किंचिन्नोऽहं द्विप इव मदानः संभवयं

तदा सर्वज्ञोऽस्मित्यभवद्वलितं मम मनः।

यदा किंचित्किनचिद् बुधजंसकसादवगतं

तदा मूर्योऽस्मिति ज्वर इव मदो में व्यपगत:।।

भाग ख

अथवा

हर्तुर्याति न आयामं किमपि शं पुष्टिति यत्सर्वदा-

प्यर्थिभ्यः प्रतिपद्यमानमनिशं प्राप्नोति वृद्धिं परम्।

कल्पान्तेश्वपि न प्रयति निधनं विद्याख्यमन्तर्धनं

येषां तान्प्रति मनमुज्जत नृपाः कस्तैः सह सृधते।।1।।

भाग व

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

नोट निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 700 शब्दों में लिखिए।

2. • भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र चित्रण कीजिए।

अथवा

देवर्षि नारद का चरित्रचित्रण कीजिए ।

3. माघ का जीवन और उनके शैलीगत वैशिष्ट्य का वर्णन कीजिए।

अथवा

रघुवंश' महाकाव्य के आधार पर राजा दिलीप का चरित्रचित्रण कीजिए-

भाग- ग

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

नोटः निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग :

शब्दों में दीजिए।

4. रघुवंश' महाकाव्य के आधार पर सुदिक्षणा की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

5 वैराग्य शतक का परिचय लिखिए।

6. भर्तृहरि का सामाजिक अनुभव लिखिए

7. रघुवंश महाकाव्य की कोई दो सूक्तियां लिखकर स्पष्ट कीजिये ।

8. 'घंटामाघ' को स्पष्ट कीजिए ।

9. नीतिशातक 'के आधार पर 'विद्या' को स्पष्ट करें ।

10. 'शिशुपालवध' महाकाव्य के आधार पर युधिष्ठर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

 

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