IGNOU BHDE 142 SOLVED ASSIGNMENT HINDI
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BHDE 142: राष्ट्रीय काव्यधारा
| Title Name | IGNOU BHDE 142 SOLVED ASSIGNMENT HINDI |
|---|---|
| Type | Soft Copy (E-Assignment) .pdf |
| University | IGNOU |
| Degree | BACHELOR DEGREE PROGRAMMES |
| Course Code | BAG |
| Course Name | BACHELOR OF ARTS |
| Subject Code | BHDE 142 |
| Subject Name | राष्ट्रीय काव्यधारा |
| Year | 2025 2026 |
| Session | - |
| Language | English Medium |
| Assignment Code | BHDE 142/Assignment-1/2025 2026 |
| Product Description | Assignment of BAG (BACHELOR OF ARTS) 2025 2026. Latest BHDE 142 ODL 2026 Solved Assignment Solutions |
| Last Date of IGNOU Assignment Submission | Last Date of Submission of IGNOU BEGC-131 (BAG) 2025-26 Assignment is for January 2026 Session: 30th September, 2026 (for December 2025 Term End Exam). Semester Wise January 2025 Session: 30th March, 2026 (for June 2026 Term End Exam). July 2025 Session: 30th September, 2025 (for December 2025 Term End Exam). |
| Format | Ready-to-Print PDF (.soft copy) |
📅 Important Submission Dates
- July 2025 Session: 31st March, 2026
- January 2026 Session: 30th September, 2026
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• Guidelines: Strictly follows 2025-26 official word limits.
• Scoring: Designed to help students achieve 90+ marks.
📋 Assignment Content Preview
BHDE 142 ODL (July 2025 - January 2026) - HINDI
सत्रीय कार्य
(संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : बी.एच.डी. ई-142 / BAG (CBCS)
सत्रीय कार्य कोड : बी.एच.डी.ई-142/2025-2026
कुल अंक : 100
नोट: सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
खंड - क
1. निम्नलिखित पद्यांशों की ससंदर्भ व्याख्या कीजिये :
क.
वर्णन उन्होंने जिस विषय का है किया, पूरा किया;
मानो प्रकृति ने ही स्वयं साहित्य उनका रच दिया।
चाहे समय की गति कभी अनुकूल उनके हो नहीं,
हैं किन्तु निश्चल एक से सिद्धान्त उनके सब कहीं।।
ख.
तुझे मिली हरियाली डाली,
मुझे नसीब कोठरी काली !
तेरा नभ भर में संसार
मेरा दस फुट का संसार !
तेरे गीत कहावें वाह,
रोना भी है मुझे गुनाह !
देख विषमता तेरी मेरी,
बजा रही तिस पर रण-भेरी!
ग.
महलों ने आग, झोपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी,
यह स्वतंत्रता की चिनगारी अंतरतम से आई थी,
झाँसी चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थी,
मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी,
जबलपुर, कोल्हापुर में भी कुछ हलचल उकसानी थी,
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।
घ.
कौशल दिखलाया चालों में।
उड़ गया भयानक भालों में।
निर्भीक गया वह ढालों में,
सरपट दौड़ा करवालों में।।
खंड ख
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए:
2 आधुनिक युग के महत्व को रेखांकित कीजिए।
3 स्वाधीनता आंदोलन के व्यापक परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालिए।
4 राष्ट्रीयता के विकास में भारतीय कविता के योगदान की चर्चा कीजिए।
5 माखनलाल चतुर्वेदी के काव्य के भावपक्ष पर विचार कीजिए।
खंड - ग
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए:
6 बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की राष्ट्रीय चेतना पर टिप्पणी कीजिए।
7 मैथिलीशरण गुप्त के मानवतावादी दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
8 'हमारे पूर्वज' कविता में अभिव्यक्त कवि के मंतव्य को रेखांकित कीजिए।
9 'प्यारे भारत देश' कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
❓ Frequently Asked Questions (FAQs)
A: Immediately after payment, the download link will appear and be sent to your email.
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